सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण मुहावरा लोकोक्तियों का संग्रह इस पोस्ट में नीचे दिया गया है।बिहार,राजस्थान ,मध्य प्रदेश , उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यो की राजस्तरीय परिक्षाओं में हिन्दी से मुहावरा तथा लोकोक्तियों के प्रश्न पूछे जाते है। इसके अलावा मुहावरे तथा लोकोक्तियों को लोग अपनी भाषा को आकर्षक बनाने को लिए भी आम बोलचाल की भाषा में भी प्रयोग किया करते है।
मुहावरे व लोकोक्तियाँ pdf in hindi

| 1. | जंजाल में फसना | झंझट में पड़ना |
| 2. | जलती आग में घी डालना | विवाद बढ़ाना या उद्दीप्त करना |
| 3. | जली-कटी सुनाना | डाँट फटकार/उल्टा सीधा बोलना |
| 4. | जी भर जाना | दया उत्पन्न होना/दया उमड़ना |
| 5. | जीभ उखाड़ना | कठोर दण्ड देना |
| 6. | जीवट का आदमी | साहसी आदमी |
| 7. | जूती की नोक पर मारना | कुछ न समझना |
| 8. | जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर परायी | भुक्तभोगी ही दूसरों का दुख जान पाता है |
| 9. | जौहर खुलना | गुण प्रकट होना |
| 10 | झड़बेरी का काँटा | बहुत झगड़ालू आदमी |
| 11. | झण्डा ऊँचा होना | जीत होना |
| 12. | झण्डे तले आना | समर्पण करना |
| 13. | झाँसा फेरना | नष्ट करना |
| 14. | झण्डा गाड़ना | अधिकार जताना |
| 15. | झोपड़ी में रहे महलों के ख्वाब देखना | औकात से बहुत ज्यादा की चाह |
| 16. | टस से मस न होना | पूर्ण स्थिर होना/विचलित न होना |
| 17. | टट्टी की ओट शिकार | छिपकर बुरा काम करना |
| 18. | टका- सा जवाब देना | इन्कार कर देना/स्पष्ट उत्तर देना |
| 19. | टेढ़ी खीर | कठिन कार्य |
| 20. | टाट उलटना | दिवाला निकालना |
| 21. | टके गज की चाल | कम व्यय में निर्वाह करना |
| 22. | टट्टू पार होना | किसी रूके हुए काम का सफलतापूर्वक पूरा हो जाना |
| 23. | टेढ़ी आँख से देखना | क्रूर या शत्रुतापूर्ण दृष्टी से देखना |
| 24. | टाँग मारना | विघ्न डालना |
| 25. | टाँय-टाँय फिस्स होना | बुरी तरह असफल होना |
Hindi me muhavre pdf मुहावरे |
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| 26. | ठोकरें खाना | कष्ट उठाना |
| 27. | ठकुर-सुहाती करना | हाँ में हाँ मिलाना |
| 28. | ठठेरे-ठठेरे बदलई | चालाक से चालाक का काम पड़ना |
| 29. | डूबते को तिनके का सहारा | असहाय को थोड़ी सहायता प्राप्त होना |
| 30. | डकार जाना | माल पचा जाना |
| 31. | डपोरशंख होना | डींग मारना |
| 32. | डेढ़ पाव आटा पुल पै पसोई | थोडी सम्पत्ति पर भारी दिखावा |
| 34. | डायन को दामाद प्यारा | अपना सबको प्यारा होता है |
| 35. | डंके की चोट पर कहना | स्फष्ट घोषणा करना |
| 36. | डेढ़ चावल की खिचड़ी अलग पकाना | मिलकर कार्य न करना/पृथक राय रखना |
| 37. | डावाँड़ोल होना | अव्यवस्थित होना |
| 38. | डूबती नाव पार लगाना | संकट से छुड़ाना |
| 39. | तीन- पाँच करना | टाल-मटोल करना |
| 40. | तोते उड़ जाना | घबड़ा जाना |
| 41. | तेवर बदलना | काम निकल जाने पर रूख बदल लेना |
| 42. | तारीफ के पुल बाँधना | अत्यधिक प्रशंसा करना |
| 43. | तिनके का सहारा | थोड़ा- सा सहारा |
| 44. | तारे तोड़ लाना | असम्भव कार्य करना |
| 45. | तारे गिनना | चिन्ता में रात बिताना |
| 46. | ताक पर रखना | न मानना/पड़ा रहने देना*/काम में न लाना |
| 47. | तार-तार होना | पूरी तरह बिखर जाना/फट जाना |
| 48. | त्यौरी चढ़ाना | क्रुद्ध होना |
| 49. | तिरिया तेल हमीर हठ चढ़े न दूजी बार | दृढ़ प्रतिज्ञा लोग अपनी बात पर डटे रहते है |
| 50. | तबले की बला बन्दर के सिर | किसी के दोष को अन्य पर आरोपित करना |
179+Muhaware lokoktiya pdf in hindi लोकोक्तियाँ पीडीएफ |
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| 51. | ताल ठोकना | ललकारना |
| 52. | तोता चश्म | प्रेम से परे/स्वार्थ से परे |
| 53. | थूक कर चाटना | वादे से मूकर जाना/न करने की बात कहकर फिर वही करना |
| 54. | थका ऊंट सराय ताकता | थकने पर विश्राम चाहिे |
| 55. | दूध की मक्खी | बेकार चीज |
| 56. | दूध की बू मुँह से आना | अनुभवहीन होना |
| 57. | दिन में तारे दिखाई देना | अत्यधिक कष्ट होना |
| 58. | दूध की लाज रखना | इज्जत की रक्षा करना |
| 59. | दूधो नहाओं,पूतो फलो | धन एवं सन्तान की वृद्धि |
| 60. | द्राविण प्रामायाम करना | किसी वात को तोड़-मरोड़ कर कहना |
| 61. | द्रौपदी की चीर होना | अन्त न होना |
| 62. | दिन -रात एक करना | लगातार प्रयास या परिश्रम करना |
| 63. | दुधारी तलवार कलेजे पर फेरना | दोहरा दुख होना |
| 64. | दूध का धोया | निर्दोष या निष्कलंक होना |
| 65. | दाद देना | प्रशंसा करना |
| 66. | दूध की नदियाँ बहाना | धन-धान्य से सम्पन्न होना |
| 67. | दिन दूना रात चौगुना बढ़ना | अप्रत्याशित वृद्धि |
| 68. | दाल में काला होना | सन्देह की बात होना |
| 69. | दाँत कुरेदने को तिनका तक न होना | सर्वस्व गवाँ देना |
| 70. | दाँत से कौड़ियां पकड़ना | बहुत अधिक कंजूसी करना |
| 71. | दामनगीर होना | पीछे प़ड़ना |
| 72. | देसी घोड़ी लाल लगाम | बेमेल बात |
| 73. | दाँत काटी रोटी होना | गहरी दोस्ती |
| 74. | दाँतों में तिनका लेना | दया करने के लिए विनती करना/अधीनता स्वीकार करना |
| 75. | दाग लगाये लंगोटिया यार | व्यक्ति अपनों से ही धोखा खाता है |
| 76. | दमड़ी का तीन होना | सस्ता होना |
| 78. | धूल में मिलना | बर्बाद होना |
| 79. | दरकिनार कर देना | अलग-अलग कर देना |
| 80. | धाक जमाना | प्रभुत्व स्थापित करना |
| 81. | धूल फाँकना | मारे मारे फिरना |
| 82. | धरती पर पाँव न रखना | घमण्ड से चूर रहना |
| 83. | धूप में बाल सफेद करना | अनुभवहीन होना |
| 84. | धोखे की टट्टी | सारहीन वस्तु |
| 85. | धज्जियाँ उड़ाना | बुरी तरह परास्त करना |
| 86. | धींगी-धींगी चलना | अत्याचार या अन्याय होना |
| 87. | धुएँ का धौरहर | क्षण-भंगुर वस्तु |
| 88. | नींव का पत्थर | स्थायी आधार |
| 89. | नाक पर मक्खी न बैठने देना | सम्मान की सम्यक रक्षा करना |
| 90. | नमक अदा करना | उपकारों का बदना चुकाना |
| 91. | नक्कारे की चोट | खुल्लम -खुल्ला |
| 92. | नयन चढ़ाना | प्रेम होना |
| 93. | नयनों से रक्त की धार बहना | कठिन दुख होना |
| 94. | नहले पर दहला मारना | करारा जवाब देना |
| 95. | नामलेवा न पानीदेवा | खानदान में सभी का मर जाना |
| 96. | नदी नाव संयोग | अप्रत्याशित मिलन |
| 97. | नशा उतरना | वास्तिकता का ज्ञान होना |
| 98. | नाई देख हजामत बढ़ना | किसी वस्तु को देख उसकी आवश्यकता प्रतीत होना |
| 99. | नाक पर सुपारी तोड़ना | बहुत तंग करना |
| 100. | नंगे बड़े परमेश्वर से | निर्लज्ज से सभी डरते है |
मुहावरे व लोकोक्तियाँ पीडीएफ |
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| 101. | नाक रगड़ना | खुशामद करना |
| 102. | नेकी और पूछ-पूछ | बिना कहे ही भलाई करना |
| 103. | नाम बड़े और दर्शन छोटे | प्रसिद्धि के अनुरूप गुण न होना |
| 104. | न अन्धे को न्योता देते न दो जने आते | गलत आदमी को बुलावा देना |
| 105. | नयी घोसन उपलों का तकिया | नये शौकीन अटपटा कार्य करके |
| 106. | प्राणों पर खेलना | प्राणों की परवाह न कर खतरे में पड़ना |
| 107. | पाजामें से बाहर होना | अत्यधिक रोष प्रकट करना/क्रुद्ध होना |
| 108. | पापड़ बेलना | कष्ट सहना |
| 109. | पर उपदेश कुशल बहुतेरे | दूसरों को उपदेश देना सरल है |
| 110. | पत्थर पसीज उठना | निर्दयी को दया आना |
| 111. | पत्थर तले से हाथ निकलना | भारी संकट से छुटकारा पाना |
| 112. | पत्थर में दूब जमना | असम्भव का सम्भव होना |
| 113. | पाँव भारी होना | गर्भवती होना |
| 114. | पेट में चूहे कुदना | बहुत भूख लगना |
| 115. | पट्टी पढ़ाना | गलत राय देना/भुलावा देना |
| 116. | पाँव उखड़ जाना | हारकर भाग जाना |
| 117. | पीठ दिखाना | भाग खड़ा होना |
| 118. | पत्थर की लकीर | अमिट/पक्की बात |
| 119. | पाँचों उँगलियाँ घी में होना | लाभ ही लाभ होना |
| 120. | पलक न पसीजना | अत्यन्त कठोर ह्रदय होना |
| 121. | प्राण पखेरू उड़ जाना | मर जाना |
| 122. | प्रभुता पाई जाहि मद नाहीं | अधिकार पाकर व्यक्ति घमंडी हो जाता है |
| 123. | पुचकारा कुत्ता सिर चढ़े | ओछे लोग मुँह लगाने पर अनुचित लाभ उठाते हैं |
| 124. | पाँव फूँक-फूँक कर रखना | अत्यन्त सावधानी बरतना |
| 125. | पीठ में छुरा घोंपना | धोघा देना |
| 126. | पहाड़ टूट पड़ना | अचानक विपत्ति का आना |
| 127. | पाँचवे सवार में गिनती कराना | बड़ों के साथ अपने को भी बड़ा समझना |
| 128. | फूल नहीं पंखुड़ी ही सही | अधिक नहीं,थोड़ा ही सही |
| 129. | फूटी आँख न देखना | बुरा लगना |
| 130. | फूला न समाना | अति प्रसन्न होना |
| 131. | फूलना-फलना | उन्नति करना |
| 132. | बत्तीसी बन्द होना | उदास हो जाना/बोल न निकलना |
| 133. | बाग-बाग होना | बहुत प्रसन्न होना |
| 134. | बाल की खाल निकालना | कमियाँ निकालना |
| 135. | बगुला भगत होना | कपटी होना |
| 136. | बाँसों उछलना | बहुत प्रसन्न होना |
| 137. | बट्टा लगाना | दोष मढ़ना |
| 138. | बछिया का ताऊ | बिल्कुल मूर्ख |
| 139. | बीड़ा उठाना | उत्तरदायित्व सम्भालना |
| 140. | बोली मारना | व्यंग्य करना |
| 141. | बात का धनी होना | बचन का पक्का होना |
| 142. | बन्दर के गले में मोतियों की माला | वस्तु के महत्व को न समझने वाला |
| 143. | बद अच्छा बदनाम बुरा | नुकसान उठाना बेहतर है बजाय बदनामी के |
| 144. | बाड़ ही खेत खाये तो रखवाली कौन करे | जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो कोई विकल्प नहीं है |
| 145. | बिल्ली के गले घण्टी बाँघना | अपने को संकट में डालना |
| 146. | वसन्त के कोकिला | अच्छे दिनों के साथी |
| 147. | बन्दर घुड़की देना | व्यर्थ की धमकी देना |
| 148. | बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद | मूर्ख किसी अच्छी वस्तु का महत्व नहीं समझ सकता |
| 149. | बड़े-बड़े बह गये गदहा कहे कितना पानी | शक्ति सम्पन्न लोगों के अशक्त होने के उपरान्त छुटभैयों की डींग हाँकना |
| 150. | बाँझ क्या जाने प्रसूत की पीड़ा | दुख भोगने वाला ही दुख को जानता है |
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| 151. | भीगी बिल्ली बन जाना | डर जाना |
| 152. | भीम के हाथी | न लौटने वाला पदार्थ |
| 153. | भेड़ बना लेना | अपने वश में करके जो चाहना वह करवाना |
| 154. | भुस्स में आग लगा जमालो दूर खड़ी | स्थायी विग्रह का बीजारोपण कर तटस्थ की भूमिका अदा करना |
| 155. | भगीरथ प्रयत्न करना | अथक प्रयास करना |
| 156. | भूँजी भाँग न होना | कुछ भी पास न होना |
| 157. | भैंस के आगे बीन वजाना | मूर्ख व्यक्त को उपदेश देना निरर्थक होता है |
| 158. | भूखे भजन न होय गोपाला | खाली पेट कुछ नहीं किया जा सकता |
| 159. | मन चंगा तो कठौती में गंगा | पवित्र ह्रदय ही तीर्थ है |
| 160. | मैदान मारना | जीत हासिल करना |
| 161. | मीन मेख करना | गलती निकालना |
| 162. | मुँह बनाना | खीझ प्रकट करना |
| 163. | मुँह चुराना | लज्जा से सामने न आना |
| 164. | मुँह लगाना | विशेष सम्पर्क में रहना |
| 165. | मुँह में राम बगल में छुरी | प्रत्यक्ष में हितकर, परोक्ष में हानिकारक |
| 166. | मुँह धो आना | कमी दूर करना |
| 167. | मुँह फिर जाना | मतलब समाप्त हो जाना |
| 168. | मुँह पर नाक न होना | निर्लज्ज होना |
| 169. | मुँह मोड़ना | विमुख होना |
| 170. | मुँह तोड़ जवाब देना | ठोस प्रत्युत्तर देना |
| 171. | मुँछ न रखना | हार मान लेना |
| 172. | मुँछ नीची होना | प्रतिष्ठा का हनन |
| 173. | मरी गाय बाभन को दान | किसी को बेकार चीज देना |
| 174. | मन के ल़ड्डू खाना | व्यर्थ की आशा में प्रशन्न रहना |
| 175. | मन की मन में रखना | व्यक्त न करना |
| 176. | मन में चोर बैठना | मन का कपटी होना |
| 177. | मान न मान मैं तेरा मेहमान | जबरदस्ती सिर पर चढ़ना |
| 178. | मीठी छुरी चलाना | विश्वासघात करना |
| 179. | म्याऊँ का ठौर पकड़ना | खतरे में पड़ना |
दोस्तों अगर ये मुहावरे और लोकोक्ति आपको अच्छा लगाा हो तो कमेन्ट जरुर कीजियेगा। मै आपके लिये इसी तरह के अनमोल अध्ययन सामग्री लाता रहूँगा।